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हमारी आज की कहानी है नई बहू की अदा है जैठ जी को सताए
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चलिए शुरू करते हैं जब शिप्रा गीले गीले बालों में दौड़ती हुई आ रही थी
तब उसे देखते ही दिलीप जी उसके दीवाने हो गएmoral stories in hindi
उनके लिए वक्त जैसे वहीं ठहर गया थाmoral stories in hindi
वह बस एक तक उसे देखने लगे लगे गीले बाल काले रंग का सूट
आंखों में काजल होठों पर लिपस्टिकmoral stories in hindi
और शिप्रा का मुस्कान भरा चेहराmoral stories in hindi

देख देख कर तो दिलीप जी के दिल पर जैसे तीर चल रहे थे
वह मन में सोच रहे थे कि काश यह मेरी पत्नी होती तो मजा आ
में शिप्रा एकदम से दिलीप जी के पास आकर खड़ी हो गईmoral stories in hindi

और उन्हें कहने लगी कि जीजी आप कहां खोए हुए हैं
मैं आ गई अब आप जल्दी चलिए मैं लेट हो रही हूंmoral stories in hindi
अपने जी ने अपने होश संभाले और शिप्रा को
छोड़ने के लिए तुरंत अपनी कार में जाकर बैठ गएmoral stories in hindi

शिप्रा ने कहा कि थैंक यू जेडजी आज आप नहीं होते तो मैं
ऑफिस के लिए लेट हो जातीmoral stories in hindi
मेरी गाड़ी तो खटारा है दिलीप जी ने खुश होकर शिप्रा की तरह देखा
और कहा कि छपरा शिप्रा तुम्हें जब भी कोई जरूरत हो तो मुझे बोल सकती हो

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मेरे भी ऑफिस का रास्ता यही है चाहो तो मैं तुम्हें रोज छोड़ सकता हूं
शिप्रा मुस्कुरा दी और अपना मेकअप करने लगी
अपने गीले गीले बाल बनाने लगीmoral stories in hindi
और कार नहीं खुद पर परफ्यूम छिड़क रही थी

माफ कीजिएगा मुझे आपके सामने ही तैयार होना पड़ रहा है
ऑफिस में मीटिंग जो हैmoral stories in hindi
कहा दिलीप जी तो बस उसे देख देखकर बहुत खुश हो रहे थे
और मुस्कुराए जा रहे थे शिप्रा की खुशबू उन्हें मदहोश कर रही थी
इतने में उसका ऑफिस आ गया और वह दौड़ कर अपने ऑफिस चली गई
दिलीप जी ने अपने आप से कहा कि आज तो मेरा दिन बहुत अच्छा

अब तो कई बार ऐसा होता कि दिलीप जी जान पूछ कर अपने ऑफिस लेट जाते
ताकि वह शिप्रा को उसके ऑफिस छोड़ सके motivational story Hindi

और उसके साथ वक्त बिता दिलीप चिराग दो भाई थे दोनों ही एक-दूसरे से
बिल्कुल विपरीत दिखते थे जहां चिराग बहुत हैंडसम था और मल्टीनेशनल कंपनी में
जॉब करता था वह वही दिलीप जी बहुत ही साधारण सी नौकरी करते थे दिखने
में भी शामिल थे और बिल्कुल सुंदर नहीं थे चिराग और शिप्रा की लव मैरिज थी
कि मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती थी और ऑफिस में ही उसकी चिराग से
दोस्ती हुई थी नों के परी वार के परिवारों की रजामंदी से उनकी शादी हो गई

शिप्रा इतना बड़ा ऑफिस संभालती थी इसलिए ज्यादातर वेस्टर्न कपड़े ही
पहनना पसंद करती थी वहीं दिलीप जी और राधा की अरेंज मैरिज थी फिर
आपको तो पत्नी शिप्रा जैसी खूबसूरत नहीं मिली और दिलीप जी को उनकी
पत्नी राधा उनके जैसी ही मिली राधा कोई नौकरी नहीं करती थी बल्कि बहुत
ही अच्छे से पूरा घर और सास ससुर जी को संभालती थीmoral stories in hindi

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वह एकदम सिंपल थी सिर्फ साड़ी ही पहनती थी कभी सलवार सूट पहनना सजना सवरना
तो राधा को आता ही नहीं था पर वह दिखने में जितनी सिंपल थी उतनी ही मन से बोली थी
उसका स्वभाव बहुत ही अच्छा था जब से जब से दिलीप जी का दिल भर आया तब से उन्हें
अपनी पत्नी से कई शिकायतें होने लगी अपनी पत्नी को तो ज्यादा वक्त नहीं

देते थे पर किसी ना किसी बहाने से शिप्रा के इर्द-गिर्द घूमते रहते थे शिप्रा की
अदाएं देख देख कर दिलीप जी के मन को बहुत ठेस पहुंचती थी क्योंकि उन्हें
अपने ही भाई से बहुत जलन होने लगी थी और वह अपनी किस्मत को कोसते
चिराग से 16 साल बड़े थे इसलिए उम्र में कोई खास फर्क ना होने के कारण

चिराग की पत्नी उन्हें बहुत पसंद आने लगी थी कोई यह भूल गए कि वह रिश्ते
में उसके जेठ े धीरे तो वह रात ा वह राधा और शिप्रा की तुलना करने लगे
कि हर बात में मुझे शिप्रा ही सही लगने लगी

तो वक्त के साथ जैसे शिप्रा के दीवाने हुए जा रहे थे क्योंकि जब भी
शिप्रा और राधा एक साथ खड़े होते तो साफ-साफ दिख जाता था कि

एक बहू तो बिल्कुल सीधी सादी बहन जी जैसी है और दूसरी बहू
बिल्कुल सजी-धजी मॉडर्न थी इसलिए कभी जैन जी का घुंघट
निकालना उसे सीधे मुंह बात ना करना यह सब तो उसने सोचा ही

नहीं था वह दिलीप जी से खुलकर बातें करती थी और परिवार में
सभी से हंसी मजाक करती रहती थी अक्सर जब ऑफिस के लिए
लेट हो रही होती तो दिलीप जी को यह भी कह देती कि आप मुझे
ऑफिस छोड़ दीजिए बस यही से दिलीप जी के दिल में शिप्रा केmoral stories in hindi

लिए एक अलग जगह बनने लगी कई बार शिप्रा जब नहा कर छत पर जाती
और अपने बाल सुखा थी तब दिलीप जी भी दूर से ही उसे देख कर खुश होते रहते हैं
जिस दिन शिप्रा की छुट्टी होती उस दिन दिलीप जी भी कोई ना कोई बहाना बना बनाकर घर पर

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रुकना पसंद करते दिन भी दिन भी यही हुआ जब परिवार के ही किसी फंक्शन में
सास ससुर जी राधा और दिलीप जी गए तब शिप्रा घर पर ही रहते रह गए

क्योंकि उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और चिराग तो ऑफिस के काम से दूसरे
शहर गया था अब शुक्ला के बिना दिलीप जी का तो फंक्शन में मन ही नहीं
लग रहा था उन्हें तो जैसे हर घड़ी बस शिप्रा को देखने की आदत हो गई थी और
शिप्रा के आधार पर पूरी तरह से फिदा हो चुके थे इसलिए दूर से ही उसे निहारते रहते
थे जी को जी कोई बहाना बना कर बनाकर फंक्शन से निकल गए और घर आ गए घर

पर शिप्रा को तो यही लग रहा था कि वह अकेली है इसलिए अपना नाइट गाउन पहनकर
ही फोन पर चिराग से बातें कर रही थी दिलीप जी नहीं चाहते थे कि शिप्रा को पता
चले कि वह घर में है इसलिए दूर से ही उसे देखmoral stories in hindi

थे गाउन में बैठी शिप्रा को जब चिराग से फोन पर बात करते देखा तब दिलीप जी को
अचानक एहसास हुआ कि यह तो मेरे भाई की पत्नी है और मैं इस तरह से इस अवस्था में
छुप कर देख रहा हूं घटिया बात और क्या हो सकती है मेरे लिए ना जाने इसमें ऐसा क्या है
कि भैंस की तरफ किसकी तरफ आकर्षित होता जा रहा मैं यह मैं यह कैसे भूल गया हूंmoral stories in hindi

यह मेरे भाई की ्होंने अपने अपने होश संभाले और तुरंत वहां से निकल गए दिलीप जी
दुबारा फंक्शन में चले गए लेकिन इस बार बहुत परेशान लग रहे थे में आए बस में आए
बदलाव को मां से बेहतर कोई नहीं समझ सकता इसलिए उन्हें परेशान देखकर उनकी मां
उनके पास आए और पूछा कि क्या हुआ बेटा आ रहा है कुछ दिनों से देख रही हूं तू बहुत

बदला-बदला लग रहा है अपनी मां के सवाल पर दिलीप जी के अंदर की सारी शर्मिंदगी
बाहर निकल गई और उन्होंने बताया कि किस तरह पर फिदा हो चुके हैं और अपनी पत्नी
से खुश नहीं है क्योंकि कहां तो शुक्र शिप्रा इतनी मॉडर्न और खूबसूरत लगतीmoral stories in hindi

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और कहां राधा इतने पुराने जमाने की बहन जी लगती में मां में
मां ने दिलीप जी को समझाया कि दिलीप तुम बहुत गलत सोच रहे हो सिर्फ शिप्रा की
खूबसूरती देख रहे हो यह नहीं सोच रहे इस चित्रा और चिराग एक जैसे हैं

और तुम और राधा एक जैसे यदि तुम्हें जैसी पत्नी बन जाती चपरासी पद
मिल जाती तो तुम ज्यादा वक्त उसके साथ निभा नहीं पाते क्योंकि तुम खुद भी
बहुत ही साधारण से दिखते हो और सिंपल तरीके से रहते हो इसलिए तुम्हारी
पत्नी भी साधारण दिखती है और वैसे ही रहती है हर इंसान की अपनी एक पहचान होती है

अपना एक व्यक्तित्व होता है और वह जैसा अंदर से है वैसा बाहर से रहे वही अच्छा लगता है
तुम्हारे लिए राधा से बेहतर पत्नी हो ही नहीं सकती क्योंकि क्षिप्रा जैसी लड़की कभी
तुम्हारे जैसे लड़के को नहीं अपनाते े भी भी स्मार्ट और मॉडर्न पति ही चाहिए होता
लेकिन राधा ने तो कभी तुमसे शिकायत नहीं की कि हमेशा तुम्हारे साथ खुश रहे राधा भी

तो यह सोच सकती थी कि उसे फिर आप जैसा पति चाहिए लेकिन तुम
जैसे भी हो तब भी वह तुम्हारे साथ खुश है दोनों की तुलना करके तुम
इस रिश्ते को खराब मत करो तुम शिप्रा के जेठ हो इसलिए चैट बंद करmoral stories in hindi

ही रहो याद रखो कि वह तुम्हारे भाई की पत्नी है और हां दुबारा अपनी पत्नी की
किसी और से तुलना करने से पहले एक बार अपने ऊपर भी नजर डाल लेना तब
शायद तुम्हें जो मिला है उस पर भी तुम्हें बहुत खुशी होगी दिल ीप जी दिलीप

जी को उनकी मां ने आईना दिखा दिया और उन्हें एहसास हुआ चाहिए थी जिसमें
सिंपल और पुराने जमाने के दिलीप जी थे उतनी ही साधारण उनकी पत्नी भी थी
इसलिए ही दोनों में निभ रही थी आज डिलीवरी ने यह फैसला लिया कि वह
शिप्रा को कभी गलत नजर से नहीं देखेंगे बल्कि यही सोच सोचकर रहेंगे कि वह उनके भाई की पत्नी है

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